अंतरिक्ष उपलब्धियां और सफलताएँ देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं...

उज्जैन स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला में आदरणीय भाईसाहब श्री सुरेश सोनी जी के साथ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम' के दूसरे दिन ‘भारत में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का वर्तमान और भविष्य’ विषय पर आयोजित सत्र में सहभागिता की। सम्मेलन में देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारियाँ गौरवान्वित करती हैं। सत्र में फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज जी, विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के डॉ. तरुण पंत जी, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत जी और आरआरकैट के पूर्व निदेशक डॉ. शंकर नाखे जी ने प्रेरक उद्बोधन दिये।
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