ग्वालियर-चंबल का बदलता स्वरूप: बीहड़ों से उद्योग और विकास की नई पहचान

कभी ग्वालियर-चंबल को बीहड़ों से पहचाना जाता था। आज यह अंचल देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो वर्षों में ग्वालियर में लगभग 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर और मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना खोला जा रहा है। इनके माध्यम से बड़ी संख्या में क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा। आज घाटीगांव में आयोजित लाड़ली बहना योजना की राशि के अंतरण कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के साथ ₹122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
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